श्रम एवं रोज़गार कानून
भारत में अवैध बर्खास्तगी उस सेवा समाप्ति को संदर्भित करती है जो रोज़गार की शर्तों या संरक्षक श्रम कानून का उल्लंघन करती है, जिसमें अवैध छँटनी या उचित प्रक्रिया के बिना समाप्ति शामिल है। यह क्या है: रोज़गार का गैरकानूनी अंत, जैसे नोटिस या मुआवज़े के बिना बर्खास्तगी, आवश्यक प्रक्रिया का पालन किए बिना, या प्रतिशोध के रूप में। यह कब लागू होता है: जब किसी कर्मकार की छँटनी या बर्खास्तगी औद्योगिक विवाद अधिनियम, लागू श्रम संहिताओं, या नियुक्ति की शर्तों के विपरीत की जाती है; कर्मकारों और प्रबंधकीय कर्मचारियों के लिए संरक्षण अलग-अलग होते हैं। अधिवक्ता कैसे मदद करता है: अधिवक्ता आपके नियुक्ति पत्र, बर्खास्तगी की परिस्थितियों और सेवा रिकॉर्ड की समीक्षा करता है; सलाह देता है कि समाप्ति गैरकानूनी है या नहीं; और श्रम न्यायालय या औद्योगिक अधिकरण के समक्ष बहाली, बकाया वेतन या मुआवज़े के लिए कार्यवाही करता है। अधिवक्ता परिसीमा अवधि और सही मंच पर भी सलाह देता है। पहले कदम: अपना नियुक्ति पत्र, वेतन पर्ची, समाप्ति पत्र या बर्खास्तगी का साक्ष्य, और कोई पत्राचार सुरक्षित रखें; तिथियाँ और गवाह नोट करें। उपलब्ध उपायों को समझने के लिए परामर्श बुक करें।