भारत में कंपनियों, एलएलपी और फर्मों को पंजीकृत करने में सहायता।
भारत में अनुबंध भंग और वाणिज्यिक विवादों में सलाह एवं प्रतिनिधित्व।
भारत के दिवाला ढाँचे के तहत दिवालियापन, ऋण समाधान और शोधन अक्षमता में सहायता।