आपराधिक कानून
भारत में अमेरिकी शैली की रिकॉर्ड मिटाने की प्रणाली नहीं है, लेकिन उच्च न्यायालय द्वारा एफआईआर और आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने तथा दोषमुक्ति या उन्मोचन के माध्यम से समान राहत उपलब्ध है। यह क्या है: आपके विरुद्ध आपराधिक कार्यवाही को समाप्त या साफ़ करने के कानूनी कदम, जो आमतौर पर एफआईआर या आरोप-पत्र को रद्द करने या उन्मोचन प्राप्त करने की याचिका होती है। यह कब लागू होता है: जब एफआईआर निराधार हो, द्वेषपूर्ण रूप से दर्ज हो, किसी सुलझे विवाद से उत्पन्न हो, या कोई अपराध प्रकट न करती हो, और जहाँ अभियोजन जारी रखना प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। अधिवक्ता कैसे मदद करता है: अधिवक्ता आकलन करता है कि आपका मामला रद्द करने योग्य है या नहीं, उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका तैयार एवं दायर करता है, कानूनी एवं तथ्यात्मक आधारों पर राहत के लिए तर्क देता है, और जहाँ मामला समझौता योग्य हो, समझौते के दस्तावेज़ीकरण में मदद करता है। अधिवक्ता पुलिस-सत्यापन और रिकॉर्ड संबंधी चिंताओं पर भी सलाह देता है। पहले कदम: एफआईआर और किसी आरोप-पत्र की प्रति प्राप्त करें, पक्षकारों एवं आरोपों को नोट करें, और कोई समझौता या द्वेष का साक्ष्य एकत्र करें। यह समझने के लिए परामर्श बुक करें कि आपके मामले में रद्द करना यथार्थवादी है या नहीं।